पहल
सपनों को सवारता सार्थक फाउंडेशन शिक्षा हर बच्चे का मूल अधिकार है। इस बात की अहमियत को समझते हुए आज शहर में कई ऐसे एनजीओ चल रहे हैं जो गरीबी की मार झेल रहे बच्चों को पढ़ाने का काम करते हैं। सार्थक फाउंडेशन एक ऐसा ही एनजीओ है जो गरीब बच्चों को पढ़ा कर उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होने के काबिल बनाता है। यहां बच्चों को पढ़ाई के साथ एक्स्ट्ररा करीकुलर एक्टीवीटीज में भाग लेने का मौका भी दिया जाता है। बीटेक के पूर्व छात्रों और टीचर ने रखी नीव- इस फाउंडेशन की नीव साल 2013 में ऐमिटी यूनिवर्सिटी से बीटेक कर चुके सुबेन्द्रू पाण्डे ने अपने दोस्तों (मानस मेहरोत्रा, रश्मी शुक्ला, मनु आकाश, श्वेता सिंह, पल्लवी पिल्लई) और टीचर समा हसतक के साथ मिल कर रखी थी। सुबेन्द्रू के लिए यह सफर आसान नहीं था। वह बताते हैं कि बीटेक की पढ़ाई पूरी होने के बाद उनके माता-पिता का भी सपना था की उनका बेटा एक अच्छी नौकरी करके आराम की जिन्दगी जिए, पर उन्हें यह कॉमन लाइफ जीना गवारा नहीं था। वह लीग से हटकर और चुनौती पूर्ण करना चाहते थे। कैसे की पहल- कॉलेज के दिनों में जब सुबेन्द्रु गरीब बच्चों को इधर-उधर घूमते फिरते और भ...